सवő सं .115/1, फाइनंिशयल िडİːŌƃ , नानकरामगुडा, हैदराबाद - 500032 Survey No. 115/1, Financial District, Nanakramguda, Hyderabad 500 032 दूरभाष Phone: 040-20204000; www.irdai.gov.in पृʿ / Page 1 / 18 संदभर्: आईआरडीएआई/एनएल/सीआईआर/आरएसएस/85/07/2025 Ref: IRDAI/NL/CIR/RSS/85/07/2025 िदनांक / Date: 25.07.2025 ग्रामीण, सामािज…
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण INSURANCE REGULATORY AND DEVELOPMENT AUTHORITY OF INDIA
संदर्भ: आईआरडीएआई/एनएल/सीआईआर/आरएसएस/85/07/2025 Ref: IRDAI/NL/CIR/RSS/85/07/2025 दिनांक / Date: 25.07.2025
ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्वों संबंधी मास्टर परिपत्र Master Circular on Rural, Social Sector and Motor Third Party Obligations
अध्याय – I प्रारंभिक
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ:
क) यह मास्टर परिपत्र बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 34, आईआरडीए अधिनियम, 1999 की धारा 14 तथा भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 9 के अधीन जारी किया जाता है। यह मास्टर परिपत्र ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्वों, 2025 संबंधी मास्टर परिपत्र के रूप में जाना जाएगा।
ख) यह मास्टर परिपत्र सभी जीवन, साधारण और स्टैंड-अलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं के लिए लागू है।
ग) ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्वों संबंधी मास्टर परिपत्र, 2024 केवल वित्तीय वर्ष (विव) 2024-25 हेतु बीमाकर्ताओं के दायित्वों के लिए ही लागू होगा। ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्वों संबंधी मास्टर परिपत्र, 2025 वित्तीय वर्ष 2025-26 और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू होगा।
2. इस मास्टर परिपत्र के प्रयोजन के लिए परिभाषाएँ
(क) “विनियम” से भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 अभिप्रेत हैं;
(ख) “साधारण बीमाकर्ता - 1” से स्टैंड-अलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं (एसएएचआई), कृषि बीमा कंपनी (एआईसी) तथा भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) को छोड़कर अन्य साधारण बीमाकर्ता अभिप्रेत हैं।
(ग) “साधारण बीमाकर्ता - 2” से एआईसी और ईसीजीसी को छोड़कर स्टैंड अलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं सहित साधारण बीमाकर्ता अभिप्रेत हैं।
(घ) “परिषदें” से “जीवन बीमा परिषद” और “साधारण बीमा परिषद” अभिप्रेत हैं।
(ङ) “आधारभूत आंकड़े” से अभिप्रेत हैं i. जीवन और साधारण बीमाकर्ताओं-2 के लिए संबंधित ग्राम पंचायत में जीवनों की कुल संख्या ii. साधारण बीमाकर्ताओं-1 के लिए संबंधित ग्राम पंचायत में निवास-स्थानों और दुकानों की कुल संख्या
CHAPTER – I Preliminary
1. Short title and commencement:
a) This master circular is issued under Section 34 of the Insurance Act, 1938, Section 14 of the IRDA Act, 1999 and Regulation 9 of the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Rural, Social Sector and Motor Third Party Obligations) Regulations, 2024. This master circular shall be known as Master Circular on Rural, Social Sector and Motor Third Party Obligations, 2025.
b) The master circular is applicable to all life, general and stand-alone health insurers.
c) Master Circular on Rural, Social Sector and Motor Third Party Obligations, 2024 shall be applicable for obligations of Insurers for Financial Year (FY) 2024-25 only. The Master Circular on Rural, Social Sector and Motor Third Party Obligations, 2025 shall be applicable for the FY 2025-26 and FY 2026-27.
2. Definitions for the purpose of this Master Circular
a) “Regulations” means Insurance Regulatory and Development Authority of India (Rural, Social Sector and Motor Third Party Obligations) Regulations, 2024;
b) “General Insurer – 1” means General Insurers other than Stand Alone Health Insurers (SAHI), Agriculture Insurance Company (AIC) & Export Credit Guarantee Corporation of India (ECGC).
c) “General Insurer – 2” means General Insurers including Stand Alone Health Insurers other than AIC & ECGC.
d) “Councils” means “Life Insurance council” and “General Insurance Council”
e) “Base data” means i. Total number of Lives in the respective Gram Panchayat for Life and General Insurers- 2 ii. Total Number of Dwelling & Shops and motor vehicles in the respective Gram Panchayat for General Insurers -1
अध्याय – II बीमाकर्ताओं के दायित्व
3. प्रत्येक बीमाकर्ता यहाँ इस परिपत्र में निर्दिष्ट वित्तीय वर्षों के दौरान प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दायित्व ग्रहण करेगा-
(अ) ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित दायित्वः
क) जीवन बीमा -
i. प्रत्येक जीवन बीमाकर्ता आबंटित ग्राम पंचायतों में वैयक्तिक और/या सामूहिक बीमा पॉलिसियों के अंतर्गत जीवनों के न्यूनतम विनिर्दिष्ट प्रतिशत को कवर करेगा तथा सभी बीमाकर्ता सामूहिक तौर पर ग्राम पंचायतों की विनिर्दिष्ट न्यूनतम संख्या को कवर करेंगे।
ii. आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 7(ग) के अनुसार दूसरे और तीसरे वर्ष के लिए ग्रामीण क्षेत्र दायित्व निम्नानुसार होगाः-
| वित्तीय वर्ष | परिषद द्वारा बीमाकर्ताओं को आबंटित की जानेवाली ग्राम पंचायतों की न्यूनतम संख्या | बीमाकर्ताओं द्वारा ग्राम पंचायत में कवर किये जानेवाले जीवनों का न्यूनतम प्रतिशत |
|---|---|---|
| 2025-26 | 25000 | 15% |
| 2026-27 | 50000 | (i) पिछले वर्षों के लिए आबंटित ग्राम पंचायतों के लिए 25% तथा (ii) वर्ष के दौरान नई जोड़ी गई ग्राम पंचायतों के लिए 10% |
ख) साधारण बीमा [स्टैंड-अलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं (एसएएचआई), कृषि बीमा कंपनी लि. (एआईसी) और ईसीजीसी को छोड़कर अन्य बीमाकर्ता] –
i. प्रत्येक साधारण बीमाकर्ता-1 आबंटित ग्राम पंचायतों में क) अग्नि बीमा के अंतर्गत निवास-स्थानों और दुकानों; तथा ख) मोटर बीमा के अंतर्गत वाहनों के न्यूनतम विनिर्दिष्ट प्रतिशत को कवर करेगा तथा सभी बीमाकर्ता सामूहिक तौर पर ग्राम पंचायतों की विनिर्दिष्ट न्यूनतम संख्या को कवर करेंगे।
ii. आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 7(ग) के अनुसार दूसरे और तीसरे वर्ष के लिए ग्रामीण दायित्व निम्नानुसार होगाः-
| वित्तीय वर्ष | परिषद द्वारा बीमाकर्ताओं को आबंटित की जानेवाली ग्राम पंचायतों की न्यूनतम संख्या | ग्राम पंचायत (जीपी) में कवर किये जानेवाले निवास-स्थानों और दुकानों का न्यूनतम प्रतिशत | एक ग्राम पंचायत (जीपी) में मोटर बीमा के अंतर्गत कवर किये जानेवाले वाहनों का न्यूनतम प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| 2025-26 | 25000 | 15% | 15% |
| 2026-27 | 50000 | (i) पिछले वर्षों के लिए आबंटित ग्राम पंचायतों के लिए 25% तथा (ii) वर्ष के दौरान नई जोड़ी गई ग्राम पंचायतों के लिए 10% | (i) पिछले वर्षों के लिए आबंटित ग्राम पंचायतों के लिए 25% तथा (ii) वर्ष के दौरान नई जोड़ी गई ग्राम पंचायतों के लिए 10% |
ग) स्वास्थ्य बीमा (साधारण बीमाकर्ता एसएएचआई सहित, एआईसी और ईसीजीसी को छोड़कर) –
i. प्रत्येक साधारण बीमाकर्ता-2 वैयक्तिक और/या सामूहिक बीमा पॉलिसियों के अंतर्गत आबंटित ग्राम पंचायतों में क) स्वास्थ्य बीमा और ख) वैयक्तिक दुर्घटना बीमा के अंतर्गत जीवनों के न्यूनतम विनिर्दिष्ट प्रतिशत को कवर करेगा तथा सभी बीमाकर्ता सामूहिक तौर पर ग्राम पंचायतों की विनिर्दिष्ट न्यूनतम संख्या को कवर करेंगे।
ii. आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 7(ग) के अनुसार दूसरे और तीसरे वर्ष के लिए ग्रामीण दायित्व निम्नानुसार होगाः-
| वित्तीय वर्ष | परिषद द्वारा बीमाकर्ताओं को आबंटित की जानेवाली ग्राम पंचायतों की न्यूनतम संख्या | स्वास्थ्य बीमा के अंतर्गत बीमाकर्ताओं द्वारा एक ग्राम पंचायत में कवर किये जानेवाले जीवनों का न्यूनतम प्रतिशत | वैयक्तिक दुर्घटना बीमा के अंतर्गत बीमाकर्ताओं द्वारा एक ग्राम पंचायत में कवर किये जानेवाले जीवनों का न्यूनतम प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| 2025-26 | 25000 | 15% | 15% |
| 2026-27 | 50000 | (i) पिछले वर्षों के लिए आबंटित ग्राम पंचायतों के लिए 25% तथा (ii) वर्ष के दौरान नई जोड़ी गई ग्राम पंचायतों के लिए 10% | (i) पिछले वर्षों के लिए आबंटित ग्राम पंचायतों के लिए 25% तथा (ii) वर्ष के दौरान नई जोड़ी गई ग्राम पंचायतों के लिए 10% |
(आ) सामाजिक क्षेत्र से संबंधित दायित्व:
क) सभी बीमाकर्ता – आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 7(ग) के अनुसार, सभी बीमाकर्ताओं (एआईसी और ईसीजीसी को छोड़कर जीवन, साधारण और स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं) के संबंध में दूसरे और तीसरे वर्ष के लिए सामाजिक क्षेत्र दायित्व निम्नानुसार होंगे:
| वित्तीय वर्ष | कवर किये गये कुल जीवनों के अनुपात के रूप में सामाजिक क्षेत्र के अंतर्गत कवर किये जानेवाले जीवनों का न्यूनतम प्रतिशत |
|---|---|
| 2025-26 | 10% |
| 2026-27 | 12% |
(इ) मोटर अन्य पक्ष व्यवसाय के संबंध में दायित्व:
क) सभी साधारण बीमाकर्ता (स्टैंड-अलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं, एआईसी और ईसीजीसी को छोड़कर) – आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 7(ग) के अनुसार, सभी साधारण बीमाकर्ताओं (स्टैंड-अलोन स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं, एआईसी और ईसीजीसी को छोड़कर) के संबंध में दूसरे और तीसरे वर्ष के लिए मोटर अन्य पक्ष व्यवसाय के संबंध में दायित्व निम्नानुसार होंगे:
| वित्तीय वर्ष | पिछले वित्तीय वर्ष में साधारण बीमाकर्ता का मोटर अन्य पक्ष बीमा बाजार अंश | पिछले वित्तीय वर्ष में मालवाहक, यात्रीवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों (विविध खंड) की संख्या में न्यूनतम प्रतिशत वृद्धि प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग | | :--- | :--- | :--- | :--- | | | | 2025-26 | 2026-27 | | दूसरे और तीसरे वर्ष | 2% तक | 12.50% | 13.75% | | | 2% – 5% | 10.00% | 11% | | | 5% – 10% | 7.50% | 8.25% | | | 10% से अधिक | 5.00% | 5.50% |
अध्याय-III ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित दायित्वों की गणना करने की कार्यपद्धति
4. किसका मापन करना चाहिए
क) जैसा लागू हो, संबंधित परिषदें बीमाकर्ताओं के साथ परामर्श करने के बादः i. प्रत्येक बीमाकर्ता को आबंटित की जानेवाली ग्राम पंचायतों की न्यूनतम संख्या की गणना करने के लिए बाजार अंश जैसे मानदंडों अथवा किसी अन्य मानदंड की पहचान करेंगी। ii. प्रत्येक बीमाकर्ता के लिए लागू ऐसे मानदंडों के आधार पर, बीमाकर्ता-वार आबंटित की जानेवाली ग्राम पंचायतों की न्यूनतम संख्या का निर्धारण करेंगी। iii. जैसा लागू हो, जीवन बीमाकर्ताओं, साधारण बीमाकर्ता-1 और साधारण बीमाकर्ता-2 को ग्राम पंचायतों की न्यूनतम संख्या सूचित करेंगीः क. तत्काल पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष (विव) की समाप्ति से कम से कम 45 दिन पहले।
ख) कवर की जानेवाली ग्राम पंचायतों की न्यूनतम संख्या की प्राप्ति के बाद, संबंधित परिषद और अन्य प्रयोज्य बीमाकर्ताओं के साथ परामर्श करने के बाद, प्रत्येक बीमाकर्ताः i. दायित्वों की पूर्ति के लिए अपनी पसंद के राज्य / संघराज्य क्षेत्र (यूटी) में ग्राम पंचायतों की पहचान करेगा। ii. सारे भारत में कवरेज की व्याप्ति करने के लिए सभी राज्यों और संघराज्य क्षेत्रों (यूटी) में ग्राम पंचायतों के पर्याप्त कवरेज को ऐसे तरीके से सुनिश्चित करेगा कि कोई भी राज्य/संघराज्य क्षेत्र (यूटी) अपने प्रतिनिधित्व के बिना न रहे, जिनमें निम्नलिखित शामिल होंगेः क. जीवन बीमाकर्ता अन्य जीवन बीमाकर्ताओं और जीवन बीमा परिषद के साथ ग्राम पंचायतों के नाम साझा करेगा। ख. साधारण बीमाकर्ता-1 और साधारण बीमाकर्ता-2 अन्य साधारण और स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं तथा साधारण बीमा परिषद के साथ ग्राम पंचायतों के नाम साझा करेंगे। iii. संबंधित परिषदें सुनिश्चित करेंगी कि: क. एक जीवन बीमाकर्ता के द्वारा चुनी गई ग्राम पंचायत का चयन किसी अन्य जीवन बीमाकर्ता द्वारा नहीं किया जाएगा। ख. एक साधारण बीमाकर्ता-1 के द्वारा चुनी गई ग्राम पंचायत का चयन किसी अन्य साधारण बीमाकर्ता-1 द्वारा नहीं किया जाएगा। ग. एक साधारण बीमाकर्ता-2 के द्वारा चुनी गई ग्राम पंचायत का चयन किसी अन्य साधारण बीमाकर्ता-2 द्वारा नहीं किया जाएगा। iv. ग्राम पंचायतों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद, संबंधित परिषदें आबंटित ग्राम पंचायतों की बीमाकर्ता-वार सूची आईआरडीएआई के साथ वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से कम से कम 30 दिन पहले तक साझा करेंगी। v. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, बीमाकर्ताओं को निरंतरता को बनाये रखने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबंटित ग्राम पंचायतों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। तथापि, किसी भी आबंटित ग्राम पंचायत में जारी रखने में कोई अपरिहार्य परिस्थिति उत्पन्न होने की स्थिति में, बीमाकर्ता आबंटित ग्राम पंचायत को बदल सकता है तथा वह 31 जुलाई 2025 से पहले परिवर्तन के लिए कारणों सहित संबंधित परिषदों को ब्योरा साझा करेगा। संबंधित परिषदें अंतिम रूप दी गई ग्राम पंचायतों की सूची आईआरडीएआई को 14 अगस्त 2025 तक प्रस्तुत करेंगी।
5. ग्राम का एलजीडी कूट प्राप्त करना
क) संबंधित प्रशासनिक इकाइयों की अद्यतन सूची का अनुरक्षण करने के लिए राज्यों/संघराज्य क्षेत्रों (यूटी) हेतु पंचायती राज मंत्रालय की स्थानीय शासन निर्देशिका (डाइरेक्टरी) एक आनलाइन प्लेटफार्म है। ख) परिषदें पंचायती राज मंत्रालय की स्थानीय शासन निर्देशिका से “जिला – ग्राम पंचायत – ग्राम - पिनकोड” का मानचित्रण (मैपिंग) प्राप्त करेंगी तथा उसे जोखिम-अंकन स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र व्यवसाय की पहचान करने के लिए सभी बीमाकर्ताओं के साथ साझा करेंगी। ग) बीमाकर्ता ग्रामीण दायित्व की पूर्ति का मापन करने हेतु जोखिम-अंकन स्तर पर ग्राम का एलजीडी कूट प्राप्त करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करेंगे। इस कार्य का निष्पादन बीमाकर्ताओं के द्वारा एक समयबद्ध तरीके से अर्थात् 6-8 सप्ताह के अंदर पूरा किया जाएगा।
6. मापन कैसे करना चाहिए
क) जीवन बीमा – जीवन बीमाकर्ताओं के लिए; स्वास्थ्य बीमा – साधारण बीमाकर्ता-2 के लिए i. बीमाकर्ता यथाउपलब्ध रूप में प्रत्येक ग्राम पंचायत से संबंधित जीवनों की संख्या और अन्य विवरण प्राप्त करेंगे। आधारभूत डेटा प्राप्त करने के लिए वे पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, अन्य केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय सरकार के निकायों और ग्राम पंचायत के ग्राम सचिव के साथ समन्वय करेंगे। ऐसा डेटा प्राप्त करने के लिए बीमाकर्ता सरकारी निकायों के सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध वेब पोर्टलों का भी उपयोग कर सकते हैं।
ख) साधारण बीमा – साधारण बीमाकर्ता-1 के लिए बीमाकर्ता ग्राम पंचायत में उपलब्ध रूप में निवास-स्थानों और दुकानों तथा मोटर वाहनों की संख्या प्राप्त करेंगे। आधारभूत डेटा प्राप्त करने के लिए वे पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, अन्य केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय सरकार के निकायों और ग्राम पंचायत के ग्राम सचिव के साथ समन्वय करेंगे। ऐसा डेटा प्राप्त करने के लिए बीमाकर्ता सरकारी निकायों के सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध वेब पोर्टलों का भी उपयोग कर सकते हैं।
ग) सभी बीमाकर्ताओं को आबंटित ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक का आधारभूत डेटा (इस परिपत्र में इसके बाद `आधारभूत डेटा‘ के रूप में उल्लेखित): i. प्रत्येक बीमाकर्ता आधारभूत डेटा का संग्रहण करेगा और वह संबंधित परिषदों को प्रस्तुत करेगा। बीमाकर्ताओं के प्रस्तुतीकरण के आधार पर, संबंधित परिषदें आधारभूत डेटा के एक केंद्रीय पूल निर्मित करने और उसका अनुरक्षण करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ करेंगी। ii. प्रत्येक बीमाकर्ता संबंधित परिषदों के द्वारा निर्धारित फॉर्मेटों और समय-सीमाओं के अनुसार, आबंटित प्रत्येक ग्राम पंचायत के संबंध में दायित्वों (इस परिपत्र में इसके बाद “बीमाकृत डेटा” के रूप में उल्लेखित) को पूरा करने से संबंधित तिमाही डेटा को साझा करेगा। iii. संबंधित परिषदें, जैसा लागू हो, बीमाकर्ताओं के साथ परामर्श करने के बाद, निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए एक व्यवस्था लागू करेंगेः क. ग्राम पंचायत में कवर किये जानेवाले जीवनों, निवास-स्थानों और दुकानों तथा मोटर वाहनों की संख्या की सूचना की पहचान करना, अभिलिखित करना, समन्वय करना, निगरानी करना और विनियमन करना तथा जहाँ भी उपयुक्त हो वहाँ राज्य/संघराज्य क्षेत्र (यूटी) में सभी ग्राम पंचायतों में दोहराना। ख. निम्नानुसार वार्षिक समीक्षा सहित, आधारभूत डेटा को अद्यतन रखना:
7. मापन कब करना चाहिए – सामान्य – जीवन बीमाकर्ता, साधारण बीमाकर्ता-1 और साधारण बीमाकर्ता-2
क) संबंधित परिषदें, जैसा लागू हो, बीमाकर्ताओं के साथ समन्वय और सूचना का विनिमय करने के बादः i. सभी जीवन बीमाकर्ताओं और साधारण बीमाकर्ता-2 के द्वारा बीमाकृत जीवनों की संख्या, तथा सभी साधारण बीमाकर्ता-1 के मामले में बीमाकृत निवास-स्थानों व दुकानों तथा मोटर वाहनों की संख्या का पता लगाएँगी, ii. तिमाही में कवर किये गये जीवनों, निवास-स्थानों व दुकानों तथा मोटर वाहनों की संख्या के तौर पर, आबंटित प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए बीमाकर्ता-वार डेटा अलग-अलग, विनिर्दिष्ट विवरणियों के अनुसार आईआरडीएआई को तिमाही की समाप्ति से 30 दिन के अंदर प्रस्तुत करेंगी।
ख) क्रम सं. 3(अ) के अंतर्गत प्रत्येक बीमाकर्ता द्वारा कवर किये जानेवाले ऊपर निर्धारित दायित्वों में, जैसी स्थिति हो, कोई भी कमी संबंधित बीमाकर्ता द्वारा दायित्वों की पूर्ति न करने के रूप में मानी जाएगी।
8. अनुपालन की जाँच कैसे करनी चाहिए – सामान्य – जीवन बीमाकर्ता, स्वास्थ्य बीमाकर्ता, साधारण बीमाकर्ता-1 और साधारण बीमाकर्ता-2
क) बीमाकर्ता आबंटित ग्राम पंचायत में बीमाकर्ताओं के द्वारा, जैसा लागू हो, बीमाकृत जीवनों अथवा निवास-स्थानों व दुकानों अथवा मोटर वाहनों के विवरण को प्रमाणित करते हुए, तिमाही आधार पर, ग्राम सचिव से प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए उक्त परिषदों के द्वारा बनाये गये प्रमाणपत्र के सामान्य फॉर्मेट का उपयोग करेंगे। ख) यदि किसी आबंटित ग्राम पंचायत में ग्राम सचिव का पद रिक्त है, तो बीमाकर्ता ऐसा प्रमाणपत्र उक्त ग्राम पंचायत के लिए ग्राम सचिव के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत व्यक्ति से प्राप्त कर सकते हैं। उक्त प्रमाणपत्र तिमाही आधार पर कवर किये गये जीवनों की संख्या आईआरडीएआई को सूचित करने का आधार बनेगा। ग) ग्राम सचिव से प्राप्त प्रमाणपत्र, जैसा लागू हो, ग्राम पंचायत में बीमाकृत जीवनों या निवास-स्थानों व दुकानों अथवा मोटर वाहनों का प्रमाण होगा तथा इसे इलेक्ट्रानिक फॉर्मेट में रखा जाएगा और आईआरडीएआई द्वारा सत्यापन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। घ) सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, यदि किन्हीं अप्रत्याशित कारणों से बीमाकर्ता आबंटित ग्राम पंचायतों में से किसी में ग्राम सचिव का प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं कर सका, तो स्थानीय शासन निर्देशिका (डाइरेक्टरी) का उपयोग करते हुए ग्राम सचिव के प्रमाणपत्र के बदले स्व-प्रमाणन के लिए अनुमति दी जाएगी। ऐसा स्व-प्रमाणन: क) आबंटित ग्राम पंचायतों की कुल संख्या के 25% से अधिक नहीं होगा। ख) बीमाकर्ता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा, जो संबंधित बीमाकर्ता के सांविधिक लेखा-परीक्षक द्वारा विधिवत् प्रमाणित किया जाएगा, और उसके साथ ग्राम सचिव प्रमाणपत्र प्राप्त न करने के लिए कारण स्पष्ट किये जाएँगे।
अध्याय – IV सामाजिक क्षेत्र के संबंध में दायित्वों की गणना करने के लिए कार्यपद्धति
9. सभी बीमाकर्ताओं के संबंध में (जीवन, साधारण और स्टैंडअलोन स्वास्थ्य के संबंध में, एआईसी और ईसीजीसी को छोड़कर)
क. किसका मापन किया जाए – प्रत्येक बीमाकर्ता आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 4(बी), 5 और 7 के अनुसार कुल जीवनों के अनुपात के रूप में जीवनों की न्यूनतम संख्या का बीमा करेगा। ख. मापन कैसे करना चाहिए – संबंधित परिषदें: i. सामाजिक क्षेत्र जनसंख्या के लिए डेटा संगृहीत करने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगी तथा जैसा लागू हो, जीवन और साधारण बीमाकर्ताओं के साथ साझा करेंगी। ii. आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 5(ख) एवं (ग) में दी गई योजनाओं की वेबसाइट और किसी भी अन्य संगत डेटाबेस के माध्यम से विभिन्न केंद्र और/या राज्य प्रायोजित योजनाओं के लाभार्थियों की सूची तक पहुँचने के लिए उपयुक्त प्राधिकारियों से संपर्क करेंगी। iii. यदि संभावित ग्राहक के पास सरकार द्वारा समर्थित कोई पहचान कार्ड नहीं है, तो सामाजिक क्षेत्र के लिए पहचान के सबूत के रूप में बीमाकर्ता संभावित ग्राहक से फोटोग्राफ आदि जैसे उपयुक्त सबूत के द्वारा समर्थित उसके व्यवसाय का स्व-प्रमाणीकरण प्राप्त करें। तथापि, स्व-प्रमाणीकरण के ऐसे मामले उनके कुल सामाजिक क्षेत्र दायित्वों के 20% से अधिक नहीं होंगे। ग. मापन कब किया जाए – तिमाही की समाप्ति के बाद, प्रत्येक बीमाकर्ता कवर किये गये कुल जीवनों के अनुपात के रूप में “सामाजिक क्षेत्र” की परिभाषा के अंतर्गत कवर किये गये जीवनों की संख्या का पता लगायेगा तथा तिमाही की समाप्ति से 30 दिन के अंदर वह आईआरडीएआई को सूचित करेगा। घ. अनुपालन की जाँच कैसे की जाए – बीमाकर्ता “सामाजिक क्षेत्र” की परिभाषा के अनुसार जीवनों के वर्गीकरण को अभिलिखित करने के लिए व्यवस्था करेगा। वह उस स्रोत / डेटाबेस को भी अभिलिखित करेगा जहाँ से “सामाजिक क्षेत्र” के रूप में वर्गीकृत जीवन लिये गये हैं।
अध्याय – V मोटर अन्य पक्ष के संबंध में दायित्वों की गणना करने के लिए कार्यपद्धति
10. साधारण बीमाकर्ता – 1 के लिए
क. किसका मापन किया जाए - प्रत्येक साधारण बीमाकर्ता – 1 को आईआरडीएआई (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 के विनियम 6 और 7 के अनुसार मालवाहक, यात्रीवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों की संख्या में न्यूनतम प्रतिशत वृद्धि का बीमा करेगा। ख. मापन कैसे किया जाए - साधारण बीमाकर्ता – 1 साधारण बीमा परिषद के साथ मिलकर: i. देश में अबीमाकृत मालवाहक और यात्रीवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों की पहचान करने के लिए बीमा सूचना केंद्र (आईआईबी) तथा राज्य आरटीए, यथा उपलब्ध, के साथ संपर्क रखेगा। ii. आईआईबी के साथ परामर्श करने के बाद, यथा उपलब्ध, अबीमाकृत मालवाहक, यात्रीवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों की सूची बनाएगा जो वाहन की श्रेणी, उसकी पंजीकरण संख्या, मालिक का नाम और राज्य आरटीए जहाँ वह पंजीकृत है, से युक्त होगा। ग. मापन कब किया जाए – प्रत्येक साधारण बीमाकर्ता – 1 तिमाही की समाप्ति के बाद 30 दिन के अंदर आईआरडीएआई को निम्नलिखित सूचना प्रस्तुत करेगाः i. उसकी बहियों में और/या अन्य बीमाकर्ताओं की बहियों में पहले से ही दर्ज तथा उसके द्वारा नवीकृत मालवाहक, यात्रीवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों की संख्या तथा, ii. अबीमाकृत मालवाहक, यात्रीवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों की संख्या जो उसके द्वारा बीमाकृत किये गये हों मोटर अन्य पक्ष बीमा के लिए प्राप्त दायित्वों की गणना बीमाकर्ता-वार करने के लिए। घ. अनुपालन की जाँच कैसे की जाए - अनुपालन की जाँच करने के प्रयोजन के लिए, ऊपर 10(ग) (ii) में दिये गये डेटा का प्रति-सत्यापन (क्रास-वेरीफिकेशन) अबीमाकृत वाहनों के आईआईबी डेटा बेस के साथ किया जाएगा।
अध्याय – VI विविध
11. रिपोर्टिंग अपेक्षाएँ – आवेदक विवरणियों के प्रस्तुतीकरण संबंधी मास्टर परिपत्र के अनुसार विवरणियाँ प्राधिकरण को प्रस्तुत करेगा। 12. बीमाकर्ता व्यवसाय की अन्य व्यवस्थाओं के समान ही, संबंधित डेटा फॉर्मेटों के अनुसार ग्रामीण, सामाजिक और एमटीपी दायित्वों संबंधी डेटा आईआईबी को प्रस्तुत करेंगे।
हस्ताक्षरित / sd- सुरेश नायर / Suresh Nair महाप्रबंधक (गैर-जीवन) / GM (Non-Life)
Research the source law
This record is not yet linked to a specific provision. Browse the law library, choose the affected provision and ask against the exact statutory text.
Browse source laws